हजारीबाग। झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सरकारी जमीन हड़पने और उस पर जबरन कब्जा करने के आरोप में हजारीबाग के बड़ाबाजार टीओपी में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला 23 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया है।

दिनकर नगर सूर्या कॉलोनी के रहने वाले रामा शंकर, प्रकाश चंद्र और राकेश रंजन समेत कुल 10 लोगों ने पूर्व मंत्री के खिलाफ यह मामला दर्ज कराया है।

शिकायत के अनुसार योगेंद्र साव ने कथित तौर पर पहले लघु सिंचाई विभाग के पुराने कार्यालय भवन को तोड़ा और उसके बाद उसके पीछे स्थित 53 डिसमिल सरकारी जमीन को समतल कर दिया। यह जमीन हुरहुरू क्षेत्र में 'गैरमजरुआ खास' के रूप में दर्ज है।

विवाद बढ़ने के बाद सदर अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और चल रहे निर्माण कार्य को रुकवाने का प्रयास किया।

सदर अंचल अधिकारी के अनुसार भवन तोड़े जाने और पेड़ काटे जाने की इस पूरी घटना की जानकारी उच्च न्यायालय को दी जाएगी। प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम और अदालत के आगामी आदेशों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा।

गैरमजरुआ खास सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और तोड़फोड़ की गई है, जिसके चलते पुलिस अब आरोपों की गहराई से जांच कर रही है।

दूसरी ओर, योगेंद्र साव का दावा है कि जमीन पर उनका काम पूरी तरह से कानूनी अधिकारों के दायरे में हो रहा है।