देवघर। विश्व कल्याण के लिए देवघर के 18 तीर्थ पुरोहितों का जत्था शुक्रवार को देश की सबसे कठिन कांवर यात्रा के लिए गोमुख-गंगोत्री रवाना हुए। शिवगंगा तट से कांवरियों को उनके परिजनों ने रवाना किया। करीब 1800 किलोमीटर की पैदल यात्रा सारे तीर्थ पुरोहित तीन माह में नंगे पांव पूरी करेंगे। इसमें 250 किमी की यात्रा हिमालय के पहाड़, बर्फ, जंगल, नदी पहाड़ों से होकर गुजरेगा। जत्थे में कुलदीप खवाड़े, यश अड़ेवार, राकेश झा, आनंद झा, सोनू खवाड़े, अप्पू नरौने उर्फ अभिषेक पराशर, राम बाबू परिहस्त, मुकेश महाराज उर्फ मुको, सुमित मिश्रा, सौरभ झा, रोनी धारी झा, शारदानंद खवाड़े, नीरज राज जजवाड़े, रमेश झा, राजू झा उर्फ रज्जे बाबा, बाबा बलियासे उर्फ प्रमोदनाथ, मन्ना द्वारी, बबलू द्वारी शामिल हैं। हर साल दुर्गा पूजा की समाप्ति के बाद देवघर के तीर्थ पुरोहितों का जत्था गोमुख- गंगोत्री से बैद्यनाथधाम पैदल कांवर यात्रा पर जाते हैं। यह परंपरा तीर्थ पुरोहितों को उनके पूर्वजों से मिली है, जिसका वर्षों से देवघर का गोमुख गंगोत्री समाज निर्वहन करते आ रहा है। रवानगी से पहले सारे तीर्थ पुरोहितों ने बाबा बैद्यनाथ का पूरे विधि विधान पूर्वक रुद्राभिषेक किया और उनसे अनुमति प्राप्त की, ताकि पूरी यात्रा निरापद और सकुशल तरीके से संपन्न हो सके।