रांची। राजधानी रांची में भगवान विश्वकर्मा की पूजा को लेकर वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और उल्लास से सराबोर हो गया है। देवशिल्पी की कृपा पाने के लिए शहर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियाँ पूर्णता की ओर हैं। पूजा पंडालों और मंदिरों में लगातार मंत्रोच्चार और भव्य सजावट के बीच देव प्रतिमाओं की स्थापना की जा रही है। शहर के औद्योगिक क्षेत्रों, कारखानों और विभिन्न चौक-चौराहों पर बने आकर्षक पूजा मंडपों में श्रद्धा का प्रवाह देखा जा रहा है।

महात्मा गांधी रोड स्थित झारखंड का सबसे पुराना (96 वर्ष प्राचीन) श्री विश्वकर्मा मंदिर इस उत्सव का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहां भगवान की विशेष महाआरती और भव्य पूजा-अर्चना के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जहां हज़ारों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार औजारों, मशीनों और वाहनों को भगवान विश्वकर्मा का प्रतीक मानकर उनकी स्वच्छता और पूजन की परंपरा है। इसी क्रम में सुबह से ही वाशिंग सेंटरों पर दोपहिया, ऑटो और कारों की लंबी कतारें लगी रहीं, जहां लोग अपने वाहनों को स्वच्छ कराकर पूजन की तैयारी करते दिखे। इस पावन अवसर पर नए वाहन घर लाना शुभ माना जाता है। इसी आस्था के चलते राजधानी के ऑटोमोबाइल बाजार में भारी उत्साह है। लगभग 2,000 नए वाहनों (1,300 दोपहिया और लगभग 700 चार पहिया) की डिलीवरी और पूजन की तैयारी है। श्रद्धा, कर्म और आधुनिकता का यह सुंदर संगम पूरी राजधानी को आध्यात्मिक चेतना से सराबोर कर रहा है।