रांची। राजधानी रांची के सेटेलाइट कॉलोनी चौक स्थित 'मामा नगर' में एचईसी की जमीन पर जारी अतिक्रमण हटाओ अभियान के दूसरे दिन बुधवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन द्वारा बुलडोजर से कच्चे-पक्के मकानों को जमींदोज करने की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने उग्र विरोध किया। विरोध के दौरान भीड़ और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस पर पथराव और महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई। बिगड़ते हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
प्रशासनिक टीम सुबह से ही भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात थी। अधिकारियों द्वारा लोगों से सहयोग की अपील की जा रही थी, लेकिन प्रदर्शनकारी कार्रवाई रोकने की मांग पर अड़े रहे। देखते ही देखते विरोध ने उग्र रूप ले लिया और भीड़ की ओर से पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया गया। इस हमले में कई महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं। जवाब में पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। इस झड़प और लाठीचार्ज में दोनों पक्षों से कई लोग चोटिल हुए हैं।
घटना के संबंध में हटिया डीएसपी नीरज ने बताया कि सरकारी काम में बाधा डालने और अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने वार्ड पार्षद नीलम चौधरी सहित आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से इस जगह पर बसते आ रहे हैं। बिना किसी पूर्व वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक आशियाना उजाड़ देने से उनके सामने जीवन यापन और रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लोगों ने कार्रवाई रोकने और पुनर्वास की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई जिला प्रशासन के स्पष्ट आदेशों के तहत की जा रही है। एचईसी की भूमि पर हुए किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को नियमानुसार हटाया जाएगा और यह अभियान जारी रहेगा।
सरकार के सहयोगी दल आरजेडी का कार्यालय भी उसी स्थान पर अतिक्रमण कर बना है। लेकिन, प्रशासन द्वारा उस पर कोई कार्रवाई नहीं करने से लोगों में और आक्रोश है।
इधर, मेयर रोशनी खलखो ने इस मामले में रांची डीसी को अतिक्रमण हटाओ अभियान को तत्काल रोकने का आग्रह किया है। डीसी को पत्र लिखकर कहा है कि वैकल्पिक आवास की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने के पश्चात् ही गरीबों को हटाया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों की वर्तमान स्थिति का तत्काल सर्वेक्षण कराकर उन्हें आवास, पेयजल, शौचालय एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
