​गिरिडीह।​गिरिडीह में 12 अक्टूबर को सांसद सह लोकप्रिय गायक मनोज तिवारी और अभिनेत्री डॉ. सौंदर्या शर्मा के कार्यक्रम को अचानक रद्द किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस कार्रवाई से आक्रोशित भाजपा नेता विनोद सिन्हा ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कड़े शब्दों में आरोप लगाया है कि हेमंत सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सनातन विरोधी रवैया अपना रहे हैं और जानबूझकर धार्मिक तथा सकारात्मक आयोजनों को निशाना बना रहे हैं।

​विनोद सिन्हा ने खुलासा किया कि इस भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन से पहले ही विधिवत अनुमति मिल चुकी थी। आयोजकों द्वारा सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, लेकिन ऐन वक्त पर राजनीतिक इशारे पर आदेश को रद्द कर दिया गया।

​उन्होंने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि

​जब कार्यक्रम के लिए अनुमति दी जा चुकी थी, तो अचानक ऐसा क्या दबाव आ गया कि रातों-रात आदेश रद्द करना पड़ा? यह सिर्फ कार्यक्रम रोकना नहीं, बल्कि आयोजकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और युवाओं की ऊर्जा को दबाने की घिनौनी साजिश है।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक रैली या चुनावी सभा नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य देश के युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना, उन्हें सही दिशा दिखाना और प्रेरित करना था।

​विनोद सिन्हा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में तेजी से जा रही है। ऐसे समय में जब कोई मंच युवाओं को सकारात्मकता और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देने के लिए आगे आ रहा था, तो सरकार ने उस पर रोक लगा दी।

क्या युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें सही रास्ता दिखाना इस सरकार की नजर में अपराध है?

​उन्होंने कहा कि प्रशासन जनहित के कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने के बजाय उन पर पाबंदियां लगाने में व्यस्त है।

​उन्होंने जिला प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के तुगलकी फैसले लेने से पहले इसके दूरगामी परिणामों पर विचार किया जाना चाहिए।

​श्री सिन्हा ने सिर्फ इस हालिया घटना तक सीमित न रहते हुए, वर्ष 2024 में बागेश्वर बाबा (धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) के प्रस्तावित कार्यक्रम को इसी तरह रद्द किए जाने का जिक्र किया। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान लगाते हुए पूछा कि बार-बार सिर्फ धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े आयोजनों को ही क्यों निशाना बनाया जाता है? क्या राज्य में सनातन संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों पर अघोषित प्रतिबंध लगा दिया गया है?

​प्रशासन के इस मनमाने रवैये के खिलाफ विनोद सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐलान किया है कि वे इस मामले को चुपचाप नहीं बैठने देंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और इस तानाशाही के खिलाफ वे झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और आयोजकों-सनातन प्रेमियों को न्याय मिलने की हुंकार भरी है।