रांची। जापान सरकार की जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) के सहयोग से झारखंड में वन संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन को नई गति देने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में जाइका के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह वन बल प्रमुख संजीव कुमार से मुलाकात की। साथ ही परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान जाइका परियोजना के अंतर्गत राज्य में वन संरक्षण, संयुक्त वन प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग तथा ग्रामीण आजीविका संवर्धन से संबंधित विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना के उद्देश्यों, कार्यान्वयन की रणनीति और विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने पर विचार-विमर्श किया। परियोजना के तहत राज्य के 20 वन प्रमंडलों, 47 वन क्षेत्रों (रेंज) तथा लगभग 1,400 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किया जाएगा। इसके प्रमुख उद्देश्यों में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना, वन संसाधनों का सतत उपयोग, वन संरक्षण को मजबूत करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करना शामिल है। परियोजना में महिला एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन, महुआ एवं तसर आधारित आजीविका, वन संरक्षण एवं प्रबंधन, मृदा एवं जल संरक्षण तथा समुदाय आधारित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसी गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और वन क्षेत्रों के समग्र विकास को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक जैव विविधता पार्षद विश्वनाथ शाह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह कार्यकारी निदेशक बंजर भूमि विकास बोर्ड ए टी मिश्रा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास एवं विशेष परियोजना डी वेंकटेश्वर लू तथा जापानी दल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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