​रांची: ​विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब सुनवाई के लिए मतदाताओं को ईआरओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने पुनः सूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मतदाताओं की सुविधा के लिए नो मैपिंग या तार्किक विसंगतियों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज बीएलओ खुद घर-घर जाकर संकलित करेंगे।

बीएलओ द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों को 'ECINET' पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिसके आधार पर ईआरओ नियमों के अनुसार निर्णय लेंगे। सीईओ ने कहा कि यदि इसके बावजूद कोई मतदाता स्वयं ईआरओ कार्यालय या निर्धारित स्थल पर उपस्थित होना चाहता है, तो वहां संबंधित अधिकारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे।

वर्ष 2024 की मतदाता सूची में दर्ज और इन्यूमरेशन फॉर्म भरने के बावजूद जो मतदाता किसी कारणवश सुनवाई प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं, उनके लिए विशेष आउटरीच कार्यक्रम और कैंप आयोजित किए जाएंगे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी), दिव्यांगजन, जनजातीय वर्ग, वृद्ध, श्रमिक, गरीब, बेघर और बिना माता-पिता के विवरण वाले मतदाताओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

के. रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले का परीक्षण कर स्पष्ट और कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर-2026 का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से न छूटे और कोई अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो सके। उन्होंने सभी नागरिकों, बीएलओ और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से इस प्रक्रिया में सहयोग की अपील की।