​रांची। झारखंड में 108 एम्बुलेंस कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो 21 अक्टूबर से राज्यभर में आपातकालीन एम्बुलेंस सेवाएं पूरी तरह ठप की जा सकती हैं।

​संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में 16 सितंबर को हुई बैठक में मिले आश्वासन के बाद आंदोलन को 20 दिनों के लिए स्थगित किया गया था। मंत्री ने 15 से 20 दिनों के भीतर मांगों के समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन समय-सीमा बीत जाने के बाद भी कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में गहरा रोष और निराशा है।

उनकी मांगों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अभियान निदेशक के निर्देशों का अनुपालन करते हुए 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित जिलों के सिविल सर्जन के माध्यम से सरकारी स्तर पर करने,कर्मचारियों के वेतन का भुगतान सीधे सिविल सर्जन के माध्यम से और 'सम्मान फाउंडेशन' द्वारा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को उनके संबंधित जिलों में पुनः बहाल करने की है।