रांची। झारखंड के डुमरी विधायक जयराम महतो द्वारा थानेदार को फोन पर कथित तौर पर गाली-गलौज किए जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस राजनीतिक घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन खुल कर जयराम महतो के समर्थन में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए सीता सोरेन ने कहा कि जब-जब राज्य में गरीब, शोषित और असहाय युवाओं पर प्रशासनिक तंत्र का अत्याचार बढ़ेगा, तब-तब जनप्रतिनिधियों का आक्रोश सड़कों से लेकर बातचीत तक में दिखाई देगा।

सीता सोरेन ने स्पष्ट किया कि जयराम महतो का गुस्सा किसी व्यक्ति विशेष के प्रति न होकर प्रशासनिक तंत्र की तानाशाही के खिलाफ है। उन्होंने ऑडियो की सत्यता की जांच की मांग करते हुए कहा कि वे जनता के न्याय के लिए लड़ने वाले हर जनप्रतिनिधि के साथ मजबूती से खड़ी हैं। सीता सोरेन ने पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की आम जनता थानों में दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार झेलने को मजबूर है, जबकि कोयला, बालू और गिट्टी के तस्कर खुलेआम घूम रहे हैं।

जयराम महतो के इस विवादित ऑडियो के सामने आने के बाद भाजपा का स्टैंड भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं दिख रहा है और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी जयराम महतो के समर्थन में सीधे तौर पर उतर आए हैं और इसे पुलिस की तानाशाही व आम जनता की समस्याओं से जोड़कर देख रहे हैं। इसके विपरीत, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जनप्रतिनिधियों के लिए सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और शालीनता बनाए रखने की सख्त नसीहत दी है।

फिलहाल, इस पूरे मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। एक तरफ जहां सत्ता और पुलिस प्रशासन के रुख पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधियों के आचरण और भाषा शैली को लेकर भी बहस छिड़ गई है।