मिहिजाम। धर्म की दीवारों को तोड़कर रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मिहिजाम में सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की एक अद्भुत और आत्मीय तस्वीर देखने को मिली। आयोजित भव्य कार्यक्रम में धर्म और मजहब से परे हटकर सैकड़ों बहनों ने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा। इस दौरान पूरा माहौल स्नेह, विश्वास और सामाजिक एकजुटता के भावुक रंगों से सराबोर नजर आया।
‘रिश्ते खून या मजहब से नहीं, विश्वास और सम्मान से बनते हैं’
कलाई पर राखी सजवाने के बाद मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि रिश्ते किसी खास धर्म, जाति या खून के मोहताज नहीं होते, बल्कि ये विश्वास, प्रेम और सम्मान की बुनियाद पर टिके होते हैं। बहनों द्वारा बांधी गई यह राखी महज रेशम का धागा नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द, स्नेह और आशीर्वाद का वह अटूट प्रतीक है, जो समाज में फैली नफरत को खत्म करने की ताकत रखता है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों की बहनों का यह प्यार उन्हें समाज सेवा और आपसी एकता को मजबूत करने की निरंतर प्रेरणा देता है।
गंगा-जमुनी तहजीब को नया आयाम देते हुए मंत्री ने कहा कि मां-बहनों का सम्मान उनके लिए सर्वोपरि है। समाज में हर वर्ग की महिला को सशक्त बनाना, उन्हें सुरक्षा देना और उनके अधिकारों के लिए लड़ना उनका पहला कर्तव्य है। इस अवसर पर उन्होंने हर बहन के सम्मान, सुरक्षा और हक के लिए जीवन भर मजबूती से खड़े रहने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में पहुंची बहनों ने मंत्री की कलाई पर राखी बांधकर उनके लंबे, स्वस्थ और सफल जीवन की दुआएं व प्रार्थनाएं कीं।मंत्री ने भी सभी बहनों का आभार जताते हुए कहा कि हर बहन की खुशी और सुरक्षा उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
मिहिजाम में आयोजित यह रक्षाबंधन समारोह पूरे क्षेत्र में कौमी एकता और सामाजिक जुड़ाव की मिसाल बना हुआ है, जिसने यह संदेश दिया कि त्योहार सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने का सशक्त माध्यम हैं।
