रांची। झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने रांची विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, प्रतिभा और नवाचार का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करें।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत केवल आर्थिक समृद्धि नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान, तकनीक, नवाचार, शिक्षा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों से सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना है।
युवाओं को केवल अवसर तलाशने के बजाय नए अवसर सृजित करने वाला (जॉब क्रिएटर) बनना चाहिए। विश्वविद्यालयों में होने वाला शोध और नए विचार ही इस संकल्प की आधारशिला हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, पारदर्शिता और विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। विश्वविद्यालय ऐसा अकादमिक माहौल बनाएं जहां विद्यार्थी विषयगत ज्ञान के साथ अपनी रचनात्मकता को भी निखार सकें।
राज्यपाल ने कहा कि किसी संस्थान की प्रतिष्ठा केवल उपाधि बांटने से नहीं, बल्कि वहां से निकले नए विचारों, शोध और सामाजिक पहलों से तय होती है। रांची विश्वविद्यालय ने राज्य के सामाजिक और बौद्धिक विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है।
विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और तकनीक अपनाने के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और मानवीय मूल्यों से जुड़े रहना चाहिए। सफलता में विनम्रता और असफलता में धैर्य बनाए रखना ही आगे बढ़ने का सही मार्ग है।
राज्यपाल ने अंत में विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को सदैव प्राथमिकता दें।
विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप में आयोजित दीक्षांत समारोह में स्नातकोत्तर (पीजी), पीएचडी, डी-लिट, डीएससी, एमडी, एमएस और एलएलएम सहित 15 विभिन्न विषयों के कुल 6,923 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई।
पदक विजेताओं में 44 छात्राएं और 14 छात्र शामिल हैं, जो एक बार फिर बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है।कुल 71 गोल्ड मेडल में से 13 प्रायोजित गोल्ड मेडल भी शामिल हैं।
मौके पर केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने उपाधि प्राप्त करने के बाद छात्रों से राष्ट्र प्रथम की बात याद रखने और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत प्रयास करने की अपील की। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि 38 करोड़ की लागत से स्टेट लाईब्रेरी का निर्माण करवाया गया है जिसे रांची विश्विद्यालय संचालित करे। उन्होंने कहा कि शहर के महत्वपूर्ण स्थान पर बने रांची विश्वविद्यालय के इस दीक्षांत मंडप का वे आधुनिकीकरण करना चाहते हैं ताकि भविष्य में छात्रों को इसका लाभ मिले। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा, कुलसचिव डॉ. राजकुमार शर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय सिंह, डीएसडबल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू, सीसीडीसी, एफओ, एफए, सहित सभी वरीय पदाधिकारी, सभी संकायाध्यक्ष, विभिन्न् विभागों के हेड, निदेशक और प्राध्यापक भी उपस्थित थे।
