जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित चर्चित पी एंड एम मॉल पर टाटा स्टील का 223 करोड़ रुपये बकाया वसूली का मामला अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद टाटा स्टील के लैंड डिपार्टमेंट और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मॉल परिसर में जमीन की मापी और वास्तविक क्षेत्रफल के आकलन की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट ने पी एंड एम मॉल प्रबंधन को 15 दिनों के भीतर टाटा स्टील का 223 करोड़ रुपये का बकाया किराया और सेस भुगतान करने का निर्देश दिया था। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी राशि जमा न किए जाने पर टाटा स्टील और सरकारी कर्मचारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। कार्रवाई के तहत जमीन की लंबाई-चौड़ाई नापने के साथ-साथ मॉल परिसर के कुछ हिस्सों को सील भी किया गया है।
मामले में अब सबसे बड़ा सवाल बकाया राशि के भुगतान का है। यदि पीएम मॉल प्रबंधन जल्द ही बकाया 223 करोड़ रुपये चुकता नहीं करता है, तो उसके खिलाफ आगे और कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। इससे मॉल के दैनिक संचालन और वहां स्थित दुकानों/व्यापार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, मॉल को पूरी तरह बंद करने को लेकर फिलहाल किसी आधिकारिक आदेश की पुष्टि नहीं हुई है।
मापी और सीलिंग की कार्रवाई के दौरान मौजूद टाटा स्टील या प्रशासन का कोई भी अधिकारी ऑन-कैमरा बयान देने को तैयार नहीं हुआ। फिलहाल पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अब यह देखना होगा कि मॉल प्रबंधन राशि का भुगतान करता है या कानूनी राहत के लिए आगे कदम उठाता है।
