जमशेदपुर/रांची। माता-पिता के कांधों पर जब औलाद की अर्थी उठती है, तो पूरी कायनात का कलेजा कांप उठता है। जीवन के सबसे बड़े और असहनीय दर्द से गुजर रहीं झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह गुरुवार को अनंत यात्रा पर निकल गईं। गुरुवार को रांची के सीठियो श्मशान घाट पर गमगीन माहौल और अश्रुपूरित आंखों के बीच तृषा पंचतत्व में विलीन हो गईं।
तृषा को अंतिम विदाई देने पहुंचे हर शख्स की आंखें नम थीं और माहौल बेहद भावुक नजर आया। पिता रत्नेश सिंह ने कांपते हाथों से अपनी जिगर के टुकड़े को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। जिसने भी इस दर्दनाक दृश्य को देखा, उसकी सांसें थम सी गईं।
झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार तड़के एक बेहद दुःखद सड़क दुर्घटना में राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की छोटी पुत्री तृषा सिंह (17) समेत चार किशोरों की मौके पर ही मौत हो गई। यह भीषण हादसा सोनारी थाना क्षेत्र स्थित मरीन ड्राइव पर सुबह करीब 3:00 बजे हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंत्री की पुत्री तृषा सिंह अपने दोस्तों के साथ स्विफ्ट डिजायर कार में सवार होकर जा रही थीं। इसी दौरान मरीन ड्राइव पर कार और एक खड़े ट्रक के बीच सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चारों लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना में जान गंवाने वालों में तृषा सिंह के अलावा उनके दोस्त नमन गुप्ता, सार्थक अग्रवाल और वंशिका खंडेलवाल शामिल हैं।
परिवार पर टूटा दुःखों का पहाड़ः कार्मेल स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली तृषा सिंह जमशेदपुर में अपने पिता रत्नेश सिंह के साथ रहती थीं। उनके पिता टाटा में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं। परिवार की बड़ी बेटी वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही है। एक हंसते-खेलते परिवार में अचानक हुए इस हादसे से परिजन गहरे सदमे में हैं।
मुख्यमंत्री समेत प्रमुख नेताओं ने जताया गहरा शोकः इस हृदयविदारक घटना की सूचना मिलते ही पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सरकार के सभी मंत्री समेत राज्य के तमाम नेताओं व विधायकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार में मेरी साथी मंत्री एवं बहन दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री तथा अन्य नवयुवकों के असमय निधन की खबर से मन अत्यंत व्यथित है। अपनी संतान को खोने का दुख किसी भी माता-पिता और परिवार के लिए शब्दों से परे और असहनीय होता है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और इस कठिन घड़ी में परिजनों को यह असीम दुख सहने की शक्ति दें।
