बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में चल रहे विस्थापित आंदोलन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। पिछले साल अप्रैल में हुए आंदोलन के दौरान हुए भारी आर्थिक नुकसान और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए इस बार प्रशासन कोई जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। बीएसएल के निदेशक प्रभारी प्रियरंजन ने 13 अक्टूबर को दिल्ली में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर पिछले साल के नुकसान और संभावित खतरों की जानकारी दी। केंद्र के निर्देश पर 14 अक्टूबर को रांची में झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार और बीएसएल निदेशक प्रभारी के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें प्लांट के गेट जाम होने और त्योहारी सीजन के तनाव पर चर्चा की गई। रांची से लौटने के बाद निदेशक प्रभारी ने सीधे बोकारो डीसी अजय नाथ झा के साथ गोपनीय बैठक की। इसके बाद जिला प्रशासन ने पूजा के मद्देनजर आंदोलन स्थगित करने की अपील की है। आंदोलन के पांचवें दिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन पालियों में मजिस्ट्रेटों और वरीय मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति कर दी है। फिलहाल विस्थापितों द्वारा बिना नियुक्ति पत्र हटने से इनकार करने और कड़े रुख के चलते स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिस पर प्रशासन की पैनी नजर है।