​रांची। झारखंड के जामताड़ा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। जामताड़ा में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत 100 एमबीबीएस सीटों वाले नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, स्थानीय सदर अस्पताल की क्षमता को 100 बेड से बढ़ाकर 420 बेड तक किया जाएगा।

​राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी कर दिया है।

​जामताड़ा मेडिकल कॉलेज परियोजना के लिए मणिमहेश हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, आई केयर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च तथा डॉ. विधान चंद्र रॉय हॉस्पिटल के समूह को चुना गया है।

​जानकारी के अनुसार इस समूह ने एक रुपये की टोकन राशि पर मेडिकल कॉलेज बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसके आधार पर निविदा प्रक्रिया में इनका चयन हुआ।

यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर आधारित होगी, जिसमें सरकार और निजी संस्थान मिलकर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की अवसंरचना विकसित करेंगे।

इस परियोजना को कम से कम दो साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आगामी नवंबर माह में इस मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास कर सकते हैं।

मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई और अस्पताल की सेवाओं के लिए शुल्क तय करने के वास्ते 'फी फिक्सेशन कमेटी' का पुनर्गठन भी किया जाएगा।

​स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि जामताड़ा जैसे पिछड़े जिले में बेहतर चिकित्सा और आपातकालीन सुविधाओं की लंबे समय से मांग थी। मेडिकल कॉलेज और 420 बेड का अस्पताल बनने से यहां के स्थानीय लोगों को उच्च स्तरीय इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।

​राज्य सरकार की योजना के तहत रांची, खूंटी, जामताड़ा, गिरिडीह और धनबाद में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोले जाने हैं, जिसकी शुरुआत अब जामताड़ा से हो चुकी है।