बोकारो। सेक्टर 12 के जर्जर मकानों को खाली कराने को लेकर चल रहा विवाद अब उग्र रूप धारण कर चुका है। बुधवार सुबह 'सेक्टर 12 आवास बचाओ संघर्ष समिति' के बैनर तले 500 से अधिक आंदोलनकारियों ने सेक्टर 4B स्थित बोकारो स्टील (बीएसएल) की अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) राजश्री बनर्जी के आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने सुबह करीब 7:30 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक अधिशासी निदेशक को उनके ही घर में बंधक बनाए रखा।
प्रदर्शन के दौरान हाथ में झाड़ू लिए आंदोलनकारी महिलाओं और बीएसएल के सुरक्षाकर्मियों के बीच कई चरणों में तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति उस समय बिगड़ गई जब एक महिला सुरक्षाकर्मी ने आंदोलनकारी महिला को थप्पड़ जड़ दिया। इसके जवाब में महिलाओं ने भी झाड़ू भांजी। हंगामे के बीच कड़ी धूप और गर्मी के कारण 'बेबी देवी' नामक एक महिला बेहोश हो गई, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
मामले पर बीएसएल के संचार प्रमुख मणिकांत धन ने बताया कि एनआईटी पटना द्वारा किए गए सर्वे में सेक्टर 12 के 159 ब्लॉकों (1229 क्वार्टर) को बेहद जर्जर घोषित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ये मकान मरम्मत के योग्य नहीं हैं और इनमें रहना जानलेवा साबित हो सकता है।
प्रबंधन का कहना है कि जर्जर क्वार्टरों में रह रहे कर्मचारियों, लीजधारियों और लाइसेंसधारियों को नए क्वार्टर आवंटित कर दिए गए हैं। शिफ्टिंग के लिए BSL की ओर से 2 दिन का विशेष अवकाश, वाहन सुविधा, ₹5,000 की वित्तीय सहायता और नए आवासों के रखरखाव का आश्वासन भी दिया गया है। कई लोग नए क्वार्टर में शिफ्ट भी हो चुके हैं। प्रबंधन ने अपील की है कि लोग बातचीत के जरिए समाधान निकालें और जान जोखिम में न डालें।
इस आंदोलन को अघोषित रूप से भाजपा का समर्थन मिल रहा था, जिसका नेतृत्व भाजपा जिला मंत्री एंजेला सिंह और कोऑपरेटिव मंडल के पूर्व अध्यक्ष मनोज सिंह कर रहे थे। बोकारो में मौजूद धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने पहले आंदोलन स्थल पर आने की बात कही थी और प्रदर्शनकारी भी बार-बार उनके आने का इंतजार करते रहे, लेकिन स्थिति को भांपते हुए सांसद मौके पर नहीं पहुंचे।
