बोकारो। बोकारो के विस्थापितों की समस्याओं के समाधान को लेकर बुधवार को बोकारो निवास में एक उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई। लगभग दो घंटे से अधिक समय तक चली इस वार्ता में बोकारो की विधायक श्वेता सिंह, उपायुक्त अजय नाथ झा, बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के अधिशासी निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) राजन बनर्जी, एसडीओ प्रांजल ढांडा और विस्थापित प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बैठक के दौरान विस्थापितों की मुख्य पांच सूत्री मांगों विस्थापित अप्रेंटिस संघ के प्रशिक्षित युवाओं को बोकारो स्टील प्लांट में स्थाई नौकरी देना,विस्थापित क्षेत्रों को पंचायत का दर्जा प्रदान करना,

स्व. प्रेम महतो के आश्रित को सरकारी नौकरी तथा उन्हें शहीद का दर्जा देना और अन्य लंबित विस्थापन समस्याओं के त्वरित निष्पादन पर चर्चा हुई।

वार्ता के बाद बाहर निकलीं विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि दशक पुराना विस्थापन का मामला काफी पेचीदा है, लेकिन विस्थापितों को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि तीनों पक्षों ने अपने-अपने सुझाव दिए हैं। बातचीत सकारात्मक रही है। रास्ता निकला है, तो मंजिल भी जरूर मिलेगी। हम अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

बैठक के ठोस नतीजों पर विधायक और विस्थापित नेताओं ने फिलहाल विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया। विधायक ने स्पष्ट किया कि बैठक में लिए गए निर्णयों का हस्ताक्षरित पत्र आने के बाद ही आधिकारिक रूप से विस्तार से जानकारी साझा की जाएगी।

मामले पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने बताया कि विस्थापित मुद्दे पर यह 5वीं दौर की बैठक थी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसी भी समस्या का समाधान आपसी सूझबूझ और वार्ता के जरिए ही संभव है, टकराव से कोई हल नहीं निकलता। उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत की प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखने की अपील की।

वहीं, विस्थापित प्रतिनिधियों ने भी कहा कि जब तक हस्ताक्षरित बिंदुवार पत्र प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक निर्णय को लेकर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।