हजारीबाग। उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में भवन प्रमंडल, हजारीबाग के अंतर्गत संचालित एवं निर्माणाधीन विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सरकारी भवनों एवं आधारभूत संरचनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने भवन निगम द्वारा निर्माणाधीन शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज भवन के निर्माण कार्य की प्रगति एवं इसके पूर्ण होने की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए इसे यथाशीघ्र पूर्ण करने को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त फार्मेसी कॉलेज, चरही, बाल संरक्षण विभाग के प्लेस ऑफ सेफ्टी, चौपारण डिग्री कॉलेज एवं बीएससी नर्सिंग कॉलेज के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने भवन प्रमंडल के अंतर्गत संचालित सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने पर जोर दिया। सहकारिता एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम निर्माण की निविदा प्रक्रिया एवं निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि गोदामों का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए, क्योंकि इन गोदामों में खाद्यान्नों का भंडारण किया जाएगा। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का सख्ती से अनुपालन करने को कहा गया।
बैठक में कल्याण विभाग के अंतर्गत 50 बेडेड छात्रावास के निर्माण तथा शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में गायनी ओटी, ऑर्थो ओटी एवं सर्जरी ओटी के निर्माण कार्यों को लेकर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करते हुए इन कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही उपायुक्त ने भवन निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए सरकारी भवनों के सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि आवश्यकतानुसार सरकारी भवनों के सुदृढ़ीकरण कार्यों का प्राक्कलन तैयार कर विभाग को भेजा जाए, ताकि आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जा सके।
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि विकास योजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
