रांची। भारतीय जनता पार्टी झारखंड में एमएमडीआर (खान एवं खनिज विकास और विनियमन) अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का जवाब देने जा रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने घोषणा की है कि 19 से 30 सितंबर तक पूरे राज्य में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पार्टी प्रेस कॉन्फ्रेंस, प्रखंड मुख्यालयों पर नुक्कड़ सभाओं, गोष्ठियों और अधिनियम की प्रतियां बांटकर जनता के सामने सच रखेगी।
अभियान की शुरुआत 19 सितंबर को जमशेदपुर में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से हो चुकी है। आदित्य साहू ने कहा कि झामुमो और कांग्रेस चाहे जितना भी भ्रम फैला लें, भाजपा कार्यकर्ता तथ्यों के साथ जनता के बीच जाएंगे।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एमएमडीआर एक राष्ट्रीय कानून है, जिसे केवल झारखंड विरोधी बताकर विपक्ष निवेश और रोजगार का रास्ता रोक रहा है।उन्होंने कहा कि खनन से मिलने वाले कुल राजस्व का लगभग 90% हिस्सा राज्यों के पास ही रहेगा। राज्यों की रॉयल्टी, प्रीमियम, डीएमएफ और जीएसटी का एक-एक पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।
इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में एक पारदर्शी व्यवस्था बनाना, अवैध खनन पर लगाम लगाना और राज्य में निवेश व रोजगार को बढ़ावा देना है।
उन्होंने सवाल उठाया कि केरल, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में इस कानून का कोई विरोध नहीं हो रहा, तो झारखंड में ही छटपटाहट क्यों है? दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा कोयले की चोरी और काली कमाई पर कसी गई नकेल से विपक्षी दल बौखलाए हुए हैं।
आदित्य साहू ने बताया कि हाल ही में भाजपा द्वारा चलाए गए हैशटैग #JharkhandWithMMDR ने सोशल मीडिया पर देशभर में नंबर-1 ट्रेंड किया था, जो इस बात का सबूत है कि राज्य की जनता पारदर्शिता और विकास के पक्ष में खड़ी है। भाजपा राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों के आधार पर हर मंच पर चर्चा के लिए तैयार है।
