रांची। प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक आरटीआई खुलासे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर 'एसआईआर' कराने का निर्णय खुद नहीं लिया था, बल्कि इसमें उप चुनाव आयुक्त के दखल को लेकर मतभेद सामने आए थे।
राजद ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाब मांगा है कि आखिर एसआईआर किसके आदेश पर कराया गया और इसके जरिए विभिन्न राज्यों में कथित तौर पर वोटर्स लिस्ट से 13 करोड़ से अधिक नाम कैसे हटाए गए। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा तथा सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर 1 नवंबर को दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन द्वारा महारैली आयोजित की जाएगी।
इसके साथ ही, राजद प्रवक्ता ने झारखंड भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां आंतरिक कलह के कारण भाजपा की स्थिति कमजोर हो चुकी है और जनता ने उनके शीर्ष नेताओं को नकार दिया है।
