​रांची। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि देश की समृद्धि सीधे तौर पर किसानों की प्रगति से जुड़ी हुई है। कृषि विश्वविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को अपने ज्ञान व कौशल का उपयोग किसानों और कृषि क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को सुलझाने में करना चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए।

​राज्यपाल गुरुवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रयोगशालाओं और अनुसंधान फार्मों के नतीजों का वास्तविक असर किसानों के खेतों में दिखना चाहिए।

​बीएयू के कुलपति डॉ. एस. सी. दुबे ने कहा कि कृषि केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और राष्ट्रीय विकास की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जीवन की सफलता का मूल्यांकन केवल पद, वेतन या प्रतिष्ठा से न करें, बल्कि इस बात से करें कि उन्होंने कितने लोगों के जीवन में सुधार किया और किन नैतिक मूल्यों को अपनाया।

​कुलपति ने बताया कि बीते वर्ष विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने 1.11 लाख से अधिक किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकें पहुँचाईं और फसलों की 10 उन्नत किस्में विकसित कर जारी कीं।

​कुलसचिव डॉ. शैलेश चट्टोपाध्याय के संचालन में आयोजित इस समारोह में कुल 387 विद्यार्थियों को डिग्रियाँ सौंपी गईं।

​​समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 11 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।