देवघर। विश्व आयोडीन न्यूनता विकार नियंत्रण दिवस पर गुरुवार को सदर अस्पताल के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा ने किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने आयोडीन की कमी से होने वाले विकारों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा आयोडीन युक्त नमक के नियमित उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। सिविल सर्जन ने कहा कि आयोडीन शरीर के समुचित विकास तथा थायरॉइड ग्रंथि के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है। इसकी कमी से घेंघा रोग सहित कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में आयोडीन युक्त नमक का नियमित सेवन करना और इसके प्रति लोगों को जागरूक करना बेहद आवश्यक है। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सहिया कार्यकर्ताओं द्वारा जांच किट के माध्यम से नमक में आयोडीन की उपलब्धता की जांच का व्यावहारिक प्रदर्शन रहा। इस प्रदर्शन के जरिए नमक की जांच की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही, समुदाय स्तर पर लोगों को आयोडीन युक्त नमक के महत्व से अवगत कराने तथा इसके नियमित उपयोग के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रमेश कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. संचयन, जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ. अभय यादव, सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. केके सिंह, डीपीएम नीरज भगत, डीपीसी प्रवीण सिंह, डीडीएम पोखराज सहित राजीव, राजेश, शंकर, कासिम एवं शहरी सहिया उपस्थित थीं। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की कि वे आयोडीन युक्त नमक का उपयोग करें तथा आयोडीन की कमी से होने वाले विकारों के प्रति स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। सामुदायिक सहभागिता एवं सही स्वास्थ्य जानकारी के माध्यम से आयोडीन की कमी से होने वाली समस्याओं की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।