रांचीः ऐतिहासिक 40 पड़हा मुड़मा जतरा के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री सह मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुड़मा जतरा झारखंड की समृद्ध आदिवासी परंपरा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस ऐतिहासिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आम लोगों की भागीदारी को देखते हुए सुरक्षा, बिजली, यातायात, स्वच्छता, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि मुड़मा जतरा की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इसके आयोजन के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है। महंगाई और आयोजन से जुड़ी बढ़ती जरूरतों के कारण वर्तमान बजट में वृद्धि की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मांडर विधानसभा क्षेत्र के तीनों राजकीय जतरा के वार्षिक बजट में वृद्धि को लेकर वह जतरा समितियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगी। इस दौरान वर्तमान बजट आवंटन, आयोजन की वास्तविक लागत और भविष्य की आवश्यकताओं से संबंधित विषयों को प्रमुखता से उठाते हुए बजट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूर्व में स्वीकृत 70 लाख रुपये के आवंटन से अधिक हुए खर्च की जिम्मेदारी समिति को अपने स्तर पर देखनी होगी। भविष्य में बजट वृद्धि के लिए आयोजन की आवश्यकताओं, वास्तविक व्यय और अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों का स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करते हुए सरकार के समक्ष ठोस प्रस्ताव रखा जाएगा।
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