रांची। झारखंड में जनजातीय समाज के बीच अपनी घटती लोकप्रियता को महसूस करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस वर्ग के साथ अपना जुड़ाव फिर से मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी नए सिरे से और पूरी ऊर्जा के साथ आदिवासियों के बीच अपनी पैठ बढ़ाएगी।
सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रदेश पदाधिकारियों और 'सेवा संकल्प अभियान' की प्रदेश स्तरीय बैठक के बाद भाजपा के नवनियुक्त झारखंड प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र सिंह पटेल ने इसके स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने कहा कि झारखंड भाजपा जनजातीय समाज को संगठन के साथ और मजबूती से जोड़ेगी, जिसका असर जल्द ही पूरे देश को दिखाई देगा। सत्ताधारी दलों की बयानबाजी से इतर भाजपा गांव-गांव तक पहुंचकर जनजातीय समाज के साथ संवाद और संपर्क को और गहरा करेगी। आदिवासियों के सम्मान, अधिकार, विकास और कल्याण से जुड़े मुद्दों को संगठन प्राथमिकता देगा।
बैठक के दौरान राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी को मजबूत करने पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर प्रदेश सह-प्रभारी सौरभ सिंह, बिहार विधान परिषद सदस्य निवेदिता सिंह, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, सांसद प्रदीप वर्मा,पूर्व सांसद दीपक प्रकाश,सुनील सोरेन, गीता कोड़ा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि नए संगठन महामंत्री और प्रदेश प्रभारियों के लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ झारखंड को मिलेगा। पवन साय जैसे संगठन महामंत्री पार्टी और आनुषांगिक इकाइयों के बीच एक मजबूत सेतु साबित होंगे तथा पूर्व की कमियों को दूर किया जाएगा। वहीं पूर्व सांसद समीर उरांव ने भी उम्मीद जताई कि भाजपा जनजातीय समाज के बीच जल्द ही अपनी मजबूत पहचान फिर से कायम करेगी।
