रांची। झारखंड के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता योगेंद्र साव पर एक बार फिर पार्टी से निष्कासन की तलवार लटक गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले को कांग्रेस नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की सिफारिश की है, जिस पर एक-दो दिनों में औपचारिक आदेश जारी होने की संभावना है।
शनिवार को रांची स्थित पार्टी कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक हुई। विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अशोक चौधरी और भीम कुमार भी शामिल हुए। समिति ने योगेंद्र साव के आचरण की समीक्षा करने के बाद उन्हें पार्टी से बाहर करने की अनुशंसा प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को सौंप दी है। इससे पहले अनुशासन समिति ने योगेंद्र साव को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया था। 24 सितंबर को अपना पक्ष रखते हुए साव ने सफाई दी थी कि उन्होंने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और क्षेत्रीय भावनाओं के दबाव में आकर बयान दिया था। उनका तर्क था कि क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जा रही है और उनके काम नहीं हो रहे हैं।
पार्टी हाईकमान का हर फैसला मंजूर: योगेंद्र सावः पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने कहा कि झारखंड की जमीनी हकीकत से पार्टी हाईकमान को अवगत कराना उनका फर्ज था। उन्होंने कहा कि हाईकमान का फैसला उन्हें सिर-आंखों पर मंजूर होगा, लेकिन कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर वह खामोश नहीं रहेंगे।
