रांची। झारखंड की वर्षों पुरानी मांग और राज्य में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की है। देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी), राँची के उन्नयन और इसे 'राष्ट्रीय महत्व के संस्थान' का दर्जा देने के लिए भारत सरकार द्वारा नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी गई है। यह मामला भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने संसद के शून्यकाल के दौरान प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने केंद्र सरकार से सीआईपी को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर देश के शीर्ष मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों की श्रेणी में विकसित करने की मांग की थी।

सांसद की पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने पत्र भेजकर जानकारी दी है कि केंद्रीय बजट में सीआईपी राँची के उन्नयन की घोषणा के अनुरूप इसके विकास से जुड़ी सभी जरूरी प्रक्रियाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।

इस निर्णय पर खुशी जताते हुए सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि सीआईपी राँची को राष्ट्रीय स्तर की आधुनिक मानसिक स्वास्थ्य संस्था के रूप में विकसित करना न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। सीआईपी,राँची देश के सबसे पुराने और प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में से एक है। वर्ष 1918 से संचालित यह संस्थान मानसिक उपचार, प्रशिक्षण और शोध के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में यहाँ 643 बिस्तरों की क्षमता है, जहाँ प्रतिदिन भारी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुँचते हैं।