रांची। झारखंड में प्रशासनिक उत्कृष्टता, उच्च शिक्षा और अकादमिक शोध को नया आयाम देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। श्री कृष्ण लोक प्रशासन संस्थान (एसकेआईपीए) और केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता और संसाधनों का समन्वय कर संयुक्त प्रशिक्षण,शोध,क्षमता निर्माण और नवाचार को बढ़ावा देना है।
एमओयू पर सीयूजे के कुलसचिव के. के. राव और एसकेआईपीए की अपर निदेशक सीमा सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एसकेआईपीए के महानिदेशक मनीष रंजन और सीयूजे के कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
सीयूजे के विषय विशेषज्ञ और शिक्षाविद राज्य सरकार के अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे। वहीं, विश्वविद्यालय के शिक्षक और शोधार्थी प्रशासनिक क्षेत्र की व्यावहारिक कार्यप्रणाली को समझ सकेंगे।
दोनों संस्थान लोक प्रशासन, गवर्नेंस, पब्लिक पॉलिसी और राज्य के समावेशी विकास से जुड़े विषयों पर मिलकर रिसर्च करेंगे, जिससे स्थानीय प्रशासनिक चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके।
दोनों संस्थान संयुक्त रूप से बौद्धिक संपदा के विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिससे शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के नए विचारों को धरातल पर उतारने का अवसर मिलेगा।
इस समझौते से अकादमिक ज्ञान और व्यावहारिक प्रशासनिक अनुभव का बेहतर तालमेल स्थापित होगा, जो राज्य के विकास और नीति-निर्माण में दूरगामी भूमिका निभाएगा।
