रांची। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झारखंड प्रदेश की ओर से 24 एवं 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाली दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के झारखंड आगमन की तैयारियों को लेकर प्रदेश कार्यालय, रांची में पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने की। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष के भव्य स्वागत, उनके कार्यक्रमों और कार्यसमिति की बैठक की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के झारखंड दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में अभूतपूर्व उत्साह है। उनके स्वागत और कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए संगठन स्तर पर सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
श्री मिश्रा ने कहा कि भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है और इसका मुख्य आधार इसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह प्रवास झारखंड के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत है। हमारा लक्ष्य इस आयोजन को दिव्य और भव्य बनाना है, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस उच्च-स्तरीय बैठक में राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री सौदान सिंह, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप कुमार वर्मा, प्रदेश सह-प्रभारी निवेदिता सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महामंत्री, प्रदेश मंत्री, मोर्चा अध्यक्ष और पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
विकास से ध्यान भटकाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही कांग्रेस: भाजपा
रांची। भारतीय जनता पार्टी, झारखंड प्रदेश के प्रवक्ता रविनाथ किशोर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास और जनता के समर्थन से कांग्रेस बौखला गई है। इसी बौखलाहट में राहुल गांधी और कांग्रेस नेता संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
रविनाथ किशोर ने कांग्रेस के दोहरे रवैये पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव हारने पर कांग्रेस ईवीएम, चुनाव आयोग और वोट चोरी का राग अलापने लगती है, जबकि जीत मिलने पर इन विषयों पर पूरी तरह चुप हो जाती है। जनता अब उनके इस रवैये को भली-भांति समझ चुकी है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का पारदर्शी होना बेहद जरूरी है। यह प्रक्रिया कोई नई नहीं है और कांग्रेस शासनकाल में भी अपनाई जाती रही है। बिना ठोस तथ्यों और प्रमाणों के भ्रम फैलाना अनुचित है।
उन्होंने 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने वाली कांग्रेस का 'लोकतंत्र बचाने' का दावा हास्यास्पद है। लगातार मिल रही हार के बाद हताशा में डूबी कांग्रेस को जनमत स्वीकार कर आत्ममंथन करना चाहिए, न कि संवैधानिक संस्थाओं की साख पर सवाल खड़ा करना चाहिए।
