खूंटी। खूंटी पुलिस ने आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए जानलेवा हमले की गुत्थी महज 56 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर चुके तीन नाबालिगों (उम्र 13, 14 और 15 वर्ष) को निरुद्ध किया है। वहीं, चौथे आरोपी की तलाश अभी जारी है, जिसकी गिरफ्तारी के बाद ही उसकी उम्र और संलिप्तता स्पष्ट हो सकेगी। सभी आरोपी इसी स्कूल से सातवीं कक्षा पास कर चुके हैं।
एसपी ऋषभ गर्ग ने शुक्रवार शाम पुलिस ऑफिस सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 20 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे चारों नाबालिग मेला घूमने के लिए पैसे चुराने के उद्देश्य से कब्रिस्तान के रास्ते स्कूल पहुंचे थे। पूर्ववर्ती छात्र होने के कारण वे परिसर से अच्छी तरह वाकिफ थे।
इसी दौरान प्रिंसिपल फादर बेनेदिक्त बारला वहां आ गए। आमना-सामना होने पर उपजे विवाद के दौरान एक नाबालिग ने छोटे कुदाल जैसे हथियार से फादर के माथे और कनपटी पर गंभीर वार कर दिया, जिससे वे घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद आरोपी ऑफिस से सामान समेट कर फरार हो गए। इस पूरी वारदात को महज आधे घंटे में अंजाम दिया गया। घायल फादर को पहले खूंटी सदर अस्पताल और फिर रांची के पल्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
घटना के संबंध में खूंटी थाना कांड संख्या 152/2026 दर्ज कर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। एसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज और टावर डंप कॉल डिटेल्स के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अनुसंधान शुरू किया।
एक महत्वपूर्ण मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने संदिग्ध तक पहुंच बनाई। पूछताछ में उसने अपने साथियों के नाम का खुलासा किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज होने के महज 26 घंटे के भीतर पहला आरोपी दबोच लिया। इसके बाद अन्य दो नाबालिगों को भी पकड़ लिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर जमीन के अंदर छिपाए गए मोबाइल और नकदी बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद चारों ने रात खूंटी के एक स्टेडियम में बिताई थी। इस दौरान उनके द्वारा '8 पीएम' ब्रांड की शराब पीने और पूर्व में गांजा पीने के भी प्रमाण मिले हैं। चोरी की गई रकम से उन्होंने ऑनलाइन व ऑफलाइन कई सामान खरीदे, जबकि शेष नकदी पंचघाघ के जंगल और घरों के आंगन में जमीन खोदकर छिपा दी थी। पुलिस ने छापेमारी कर कुल 85,747 रुपए नकद, मोबाइल, होम थिएटर, कपड़े, चप्पल और वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिए हैं।
एसआईटी में शामिल अधिकारियों का कहना है कि यदि घटना के बाद सड़क जाम नहीं होता, तो हमलावर 24 घंटे पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ जाते। जाम के कारण अनुसंधान में कुछ विलंब हुआ, हालांकि पुलिस टीम की लगातार मेहनत से मामला जल्द सुलझ गया। फिलहाल पुलिस चौथे आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
