मेदिनीनगर। नीलांबर-पीतांबरपुर थाना क्षेत्र के एकता जंगल से 23 सितंबर को बरामद अज्ञात शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मृतक की पहचान पाटन थाना क्षेत्र के बंजारी गांव निवासी पंकज उरांव के रूप में हुई है। एसपी कपिल चौधरी ने प्रेस वार्ता में बताया कि पंकज की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी और ससुर ने मिलकर कराई थी। इस हत्याकांड में शामिल पत्नी और ससुर सहित कुल सात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी के अनुसार पंकज उरांव और उसकी पत्नी अनिमा कुमारी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। इस रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर अनिमा ने अपने पिता के साथ मिलकर पंकज को रास्ते से हटाने की साजिश रची। ससुर ने पंकज की हत्या के लिए तेतरी देवी और पिंटू कुमार नाम के अपराधियों को 10 लाख की सुपारी दी थी। जांच के दौरान तेतरी देवी के बैंक खाते में 8 लाख के लेन-देन की पुष्टि भी हुई है।
साजिश के तहत पंकज को प्रेम जाल में फंसाने के लिए रिंकी देवी नाम की महिला का सहारा लिया गया, जो 'काजल कुमारी' बनकर पंकज से फोन पर बात करती थी और उससे प्यार का नाटक करती थी। 19 सितंबर को रिंकी ने ही पंकज को फोन करके सतबरवा बुलाया। जब पंकज वहां पहुंचा, तो आरोपी उसे एकता जंगल ले गए और उसकी हत्या कर शव को वहीं फेंक दिया।
23 सितंबर को शव मिलने के बाद एसडीपीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने तकनीकी शाखा की मदद से परत-दर-परत इस अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली। आरोपी अनिमा कुमारी (मृतक की पत्नी), पिंटू उरांव (ससुर), तेतरी देवी, जितेंद्र यादव,रिंकी देवी (नकली काजल कुमारी),रामजनम उरांव और दिलेश्वर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
