जमशेदपुर। सोनारी थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। सोनारी के बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में हुई अंधाधुंध फायरिंग के मुख्य आरोपी मोहन यादव और अजीत मंडल पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से घायल हो गए। दोनों का इलाज जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में जारी है।
उडुपी रेस्टोरेंट में चार लोगों पर गोली चलाने के मामले में पुलिस की विशेष टीम ने मुख्य शूटर मोहन यादव और अजीत मंडल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाने के बाद पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियारों को सोनारी स्थित फागु बाबा श्मशान घाट के पास छिपाने की बात कबूल की थी।
बुधवार अहले सुबह करीब 3:30 बजे पुलिस टीम दोनों आरोपियों को हथियार की निशानदेही और बरामदगी के लिए फागु बाबा श्मशान घाट लेकर पहुंची। जैसे ही आरोपियों ने झाड़ियों में छिपाई गई पिस्टल निकाली, उन्होंने अचानक पुलिस टीम पर ही फायरिंग झोंक दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों शूटरों के पैर के निचले हिस्से में गोली लगी और वे वहीं गिर पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वाकारिब और सिटी एसपी ललित मीणा समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने श्मशान घाट परिसर और आसपास के इलाके को सील कर दिया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से खोखे और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। मुठभेड़ स्थल से घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल और गोलियां बरामद कर ली गई हैं।
पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि उडुपी रेस्टोरेंट गोलीकांड के पीछे की मुख्य साजिश क्या थी, इन्हें किसने सुपारी दी थी और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन से अपराधी शामिल हैं। अस्पताल में दोनों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
