धनबाद। झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि कोयलांचल की पहचान केवल कोयला और खनन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह क्षेत्र ज्ञान, तकनीक, अनुसंधान, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। राज्यपाल शुक्रवार को बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय,धनबाद के तृतीय दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महान शिक्षाविद् एवं जननेता स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो ने शिक्षा को सामाजिक जागरूकता और आत्मसम्मान का माध्यम बनाने का संदेश दिया था। विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा का उपयोग समाज की प्रगति के लिए करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कोयलांचल ने देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में बड़ा योगदान दिया है। अब इस क्षेत्र के सामने पर्यावरण संरक्षण, खनन क्षेत्रों की सुरक्षा और श्रमिकों के कल्याण जैसी चुनौतियां हैं। विश्वविद्यालय को विज्ञान, तकनीक और ऊर्जा के क्षेत्र में स्थानीय समस्याओं के समाधान हेतु शोध को बढ़ावा देना चाहिए।

राज्यपाल ने डिजिटल तकनीक, एआई और स्टार्टअप्स के बढ़ते अवसरों का उल्लेख करते हुए युवाओं से केवल नौकरी तलाशने के बजाय नवाचार के माध्यम से नए रोजगार सृजित करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प युवाओं की कर्मठता, ज्ञान और कौशल पर निर्भर करता है। युवाओं को आधुनिक तकनीक में दक्ष होने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को भी अपनाना होगा।

अंत में, राज्यपाल महोदय ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाने और अपनी जड़ों व समाज से जुड़े रहने की अपील की।