रांची। परंपरा, संस्कृति और अधिकार की लड़ाई में एक साथ उमड़ा 10 लाख लोगों का जनसैलाब। ​अपनी एकजुटता, सांस्कृतिक पहचान और अनुसूचित जनजाति (एसटी) में शामिल होने की अपनी मांगों को लेकर कुड़मी समाज ने अपनी असीम सामाजिक शक्ति का परिचय दिया है। पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी, झारखंड से आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो और सांसद विद्युत वरण महतो की उपस्थिति में आयोजित यह विशाल महासमूह समाज के उज्ज्वल भविष्य और अधिकारों के संघर्ष को एक नई दिशा देगा।