रांची। झारखंड में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है। दुमका स्थित सिद्धू-कान्हू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, जो एक निजी संस्थान है, में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस की 50 अतिरिक्त सीटों पर नामांकन का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग से अनुमति मिलने के बाद स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के प्रावधानों के तहत निर्धारित समय सीमा के अंदर साक्षात्कार आयोजित कर नामांकन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
विभाग के अवर सचिव आनंद कुमार सिन्हा ने इस संबंध में 28 सितंबर 2026 को झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के परीक्षा नियंत्रक को पत्र भेजा है।
50 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों में 25 प्रतिशत यानी 12 सीटें झारखंड राज्य के छात्रों के लिए राज्य कोटे के तहत निर्धारित की गई हैं। शेष सीटों में 60 प्रतिशत ऑल इंडिया क्वालिफाइड अभ्यर्थियों और 15 प्रतिशत सीटें एनआरआई कोटा के लिए निर्धारित हैं।
राज्य कोटे की 12 सीटों में अनारक्षित वर्ग के लिए पांच, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए एक, अनुसूचित जनजाति के लिए तीन, अनुसूचित जाति के लिए एक, पिछड़ा वर्ग-I के लिए एक तथा पिछड़ा वर्ग-II के लिए एक सीट निर्धारित की गई है।
दिशा-निर्देश में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत अंधापन एवं कम दृष्टि श्रेणी में एक सीट चिन्हित की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से जारी संबंधित दिशा-निर्देशों और प्रावधानों के अनुरूप साक्षात्कार आयोजित कर प्रवेश प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने को कहा है। विभाग ने इसकी प्रतिलिपि निदेशक, चिकित्सा शिक्षा, रांची तथा सिद्धू-कान्हू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, दुमका को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है।
एमबीबीएस की इन अतिरिक्त सीटों से झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा। खासकर राज्य के विद्यार्थियों के लिए राज्य कोटे में उपलब्ध 12 सीटें मेडिकल प्रवेश की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
