मेदिनीनगर। समाहरणालय सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन एवं बचाव तैयारियों को लेकर बैठक हुई। बैठक में संभावित आपदाओं की रोकथाम और आपात स्थिति में त्वरित बचाव कार्य सुनिश्चित करने को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि चैनपुर में हुई दुखद घटना की पुनरावृत्ति रोकना सभी की जिम्मेदारी है। इसके लिए संभावित आपदा वाले क्षेत्रों की पहले से पहचान कर वहां सुरक्षा और बचाव के आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संवेदनशील हॉटस्पॉट चिन्हित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट में नदी, तालाब, जलाशय, बंद पड़ी पत्थर खदानें, माइंस, पर्यटन स्थल समेत ऐसे अन्य स्थानों को शामिल किया जाए, जहां दुर्घटना की आशंका रहती है। चिन्हित स्थलों की सूची तैयार कर वहां जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
आगामी दुर्गा पूजा को देखते हुए उपायुक्त ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। पूजा समितियों से संबंधित जानकारी जुटाकर मूर्ति की ऊंचाई, पंडाल की स्थिति, मूर्ति विसर्जन मार्ग और विसर्जन स्थल के जलाशय की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। जरूरत के अनुसार विसर्जन स्थलों पर गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ मॉक ड्रिल कराने को भी कहा गया, ताकि आपात स्थिति में बचाव कार्य में देरी न हो।
उपायुक्त ने आपदा से जुड़ी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और बेहतर समन्वय के लिए डेडिकेटेड व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्देश दिया। साथ ही बंद पड़ी खदानों और माइंस को चिन्हित कर आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग कराने पर जोर दिया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी, पुलिस बल की सक्रिय भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में सहायक समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला खनन पदाधिकारी, विभिन्न अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारी, थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
