रामगढ़। सोमवार को रामगढ़ समाहरणालय सभागार में जिला बाल संरक्षण इकाई (सामाजिक सुरक्षा कोषांग) द्वारा 'मिशन वात्सल्य योजना' के तहत स्पॉन्सरशिप सहायता राशि वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम मिशन वात्सल्य योजना अंतर्गत जरूरतमंद बच्चों के देखरेख एवं संरक्षण के लिए बच्चों को स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा, पोषण एवं अन्य विकासपरक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के 77 जरूरतमंद, अनाथ एवं देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के बीच 4,000 प्रति माह की दर से आर्थिक लाभ राशि का वितरण किया गया, जिसके तहत मंच से बच्चों को स्वीकृति/प्रशस्ति पत्र तथा डेमो चेक प्रदान किए गए। वहीं बताते चले की जिले में अब तक इस योजना से कुल 754 बच्चों के बीच 4,000 प्रति माह की दर से आर्थिक लाभ राशि का वितरण किया गया है।

इस अवसर पर विधायक ममता देवी ने अपने संबोधन में कहा कि मिशन वात्सल्य योजना राज्य सरकार की एक अत्यंत महत्त्वाकांक्षी पहल है जो बच्चों के शुरुआती पोषण एवं सुरक्षा से लेकर उनके सर्वांगीण विकास का जिम्मा उठाती है। योजना के अंतर्गत मिलने वाली 4,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करेगी ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई या बेहतर पालन-पोषण से वंचित न रहे।

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि मिशन वात्सल्य योजना का मुख्य उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों को सामाजिक, मानसिक और आर्थिक संबल प्रदान करना है। जिला प्रशासन का लक्ष्य जिले के सभी योग्य बच्चों को इस योजना से जोड़ना है और इसके लिए ग्रामीण एवं पंचायत स्तर तक इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंच सके।

उल्लेखनीय है कि मिशन वात्सल्य (स्पॉन्सरशिप) योजना के तहत 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे पात्र हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 72,000 तथा शहरी क्षेत्रों में 96,000 (या सरकार द्वारा निर्धारित सीमा) से अधिक न हो तथा जो अनाथ हों, एकल अभिभावक (विधवा, परित्यक्ता या तलाकशुदा महिला) के बच्चे हों, गंभीर/असाध्य बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चे हों, या फिर बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी एवं आपदा/हिंसा से प्रभावित रहे हों। इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक लाभार्थी अपने निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र, प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय या जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), रामगढ़ से आवेदन पत्र प्राप्त कर उसमें आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक तथा श्रेणी संबंधी आवश्यक कागजात संलग्न कर DCPU कार्यालय या आंगनवाड़ी सेविका/पर्यवेक्षिका के माध्यम से जमा कर सकते हैं, जिसके उपरांत जिलास्तरीय 'स्पॉन्सरशिप एवं फॉस्टर केयर अप्रूवल कमेटी' (SFCAC) द्वारा जांच एवं स्वीकृति दिए जाने पर प्रतिमाह 4,000 की सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) भेज दी जाती है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बाल संरक्षण पदाधिकारी शांति बागे, विधायक प्रतिनिधि मुकेश यादव, जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए अभिभावक सहित बाल संरक्षण कार्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।