रांची। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को तेज करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी नेतृत्व ने विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं, उनके सहयोग के लिए चार नेताओं को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सह-प्रभारियों की इस सूची में झारखंड के दो चेहरे—राज्यसभा सदस्य डॉ. प्रदीप वर्मा और पूर्व विधायक अनंत ओझा—शामिल हैं। इनके अलावा गुजरात के जगदीश पटेल और महाराष्ट्र की मेधा कुलकर्णी को भी उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है।

उत्तर प्रदेश में 2027 के शुरुआती महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा द्वारा की गई इन नियुक्तियों को संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को जमीनी स्तर पर उतारने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नवनियुक्त प्रभारी विनोद तावड़े ने कमान संभालते ही संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं और वे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लगातार बैठकें कर रहे हैं।

यूपी जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से अहम राज्य में झारखंड के दो नेताओं को जिम्मेदारी मिलना, केंद्रीय संगठन में राज्य के नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। छात्र राजनीति (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) से अपना सफर शुरू करने वाले अनंत ओझा को संगठन में काम करने का व्यापक अनुभव है। राजमहल सीट से दो बार विधायक रह चुके ओझा को इससे पहले भी पश्चिम बंगाल और बिहार विधानसभा चुनावों में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी जा चुकी हैं।

वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और झारखंड से राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा भी लंबे समय से संगठन कार्य में सक्रिय हैं। उनकी प्रशासनिक और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।