बोकारो। संविधान, यूजीसी और आरक्षण के समर्थन में हुई हुंकार महारैली की सफलता के बाद साजफ ‘संयुक्त फोरम’ ने अब संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। वियाडा कॉलोनी स्थित जयपाल नगर में हुई समीक्षा बैठक में महारैली की सफलता से लेकर आय-व्यय के लेखा-जोखा और आगामी रणनीति तक पर मंथन हुआ। बैठक में संगठन की मजबूती के लिए एकजुटता, अनुशासन और सक्रिय भागीदारी को सबसे अहम आधार बताया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष रमाकांत राम ने की, जबकि संचालन ललन आनंदकर ने किया। 20 सितंबर को आयोजित हुंकार महारैली की विस्तृत समीक्षा के साथ कार्यक्रम से जुड़े आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। महारैली को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया गया। केंद्रीय अध्यक्ष रमाकांत राम ने कहा कि महारैली की सफलता संगठन की एकजुटता और सामाजिक मुद्दों के प्रति लोगों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन को और प्रभावी बनाने के लिए अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। संगठन की विचारधारा और उद्देश्यों को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। वक्ताओं ने कहा कि सहयोगकर्ताओं की सक्रिय भूमिका के कारण ही कार्यक्रम को व्यापक जनसमर्थन मिला। बैठक में अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने, जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने तथा सामाजिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के अलावा संगठन के आगामी कार्यक्रमों और भावी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अध्यक्ष की अनुमति से विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श के बाद आवश्यक निर्णय लिए गए। बैठक में डॉ. इंद्रदेव पासवान, रामकुमार राम, शंभू कुमार, दिनेश बेसरा, अधिवक्ता अशोक कुमार, शंकर तुरी, रत्न कुमार, आरडी प्रसाद, राम सुरेश राम, जितेंद्र नारायण यादव, अशोक कुमार राम, दारोगा शर्मा, अरुण पासवान, झारीलाल पात्रा, प्रमोद कुमार आदि मौजूद थे।