​रांची। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची के तत्वावधान में रविवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में 'जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर' का आयोजन किया गया। यह आयोजन झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के निर्देश, न्यायायुक्त सह डालसा अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन और डालसा सचिव राकेश रौशन के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

​जेल अदालत में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एस. बी. शर्मा एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। अदालत के समक्ष कुल 15 बंदियों के आवेदन प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें से सुनवाई के बाद 04 बंदियों को जेल अदालत का लाभ प्रदान कर निष्पादित किया गया।

बंदियों को नालसा और झालसा की कल्याणकारी योजनाओं और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। इस दौरान एक चिकित्सा शिविर का आयोजन कर बंदियों के स्वास्थ्य की जांच भी की गई।

मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की अध्यक्षता में न्यायिक अधिकारियों की टीम ने जेल की रसोई का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता खुद चखकर जांची और सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

डालसा सचिव राकेश रौशन ने कहा कि बंदियों की समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जरूरी है ताकि गंभीर बीमारियों का ससमय पता लगाकर इलाज किया जा सके।

​इस अवसर पर न्यायिक दण्डाधिकारी मयंक मलियाज, प्रशांत कुमार वर्मा, अमित गुप्ता, प्रशांत गुप्ता, सार्थक शर्मा, काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर, कारापाल लवकुश कुमार, एल.ए.डी.सी.एस. सदस्य और विधि छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।