बोकारो। सेल बोनस विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। उच्च उत्पादन और भारी मुनाफा के बावजुद मात्र 32000 रुपया तय करने के विरुद्ध बोकारो जेनरल अस्पताल के कर्मियों ने विभागाध्यक्ष कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। अस्पताल कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन भारी तानाशाही पर उतर आई है। तानाशाही का आलम यह है कि सेल प्रबंधन खुद ही अवैध बोनस फॉर्मुला लागू कर देती है तथा खुद ही अवैध यूनियन प्रतिनिधियों के साथ दिखावटी बैठक कर बोनस राशी भी तय कर देती है। 19.4 मिलियन टन क्रुड स्टील उत्पादन, 13000 करोड़ रुपया एबीटा होने तथा दिन प्रतिदिन मैनपावर कम होने के बावजुद बोनस राशी मात्र 32000 तय करना एक तरह से कर्मचारियों का शोषण है। वहीं सभा को संबधित करते हुए महासचिव हरिओम ने स्पष्ट किया कि संजीवा रेड्डी हो या बिरेंद्र चौबे, श्रीनिवास राव हो या रंजय कुमार, ललित मिश्रा हो या बंदोपध्याय, विद्दासागर गिरी हो या रामाश्रय सिंह, संजय बढ़वाकर हो या राजेंद्र सिंह ये हमारे द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं तथा ये सेल प्रबंधन द्वारा मनोनित प्रतिनिधि हैं। ये हमारे हित में कभी भी कोई समझौता नहीं कर सकते हैं। हम अब इनके विरुद्ध अदालत में जायेंगे। वहीं अन्य वक्ताओं ने बीजीएच प्रबंधन द्वारा बीजीएच कर्मियों के विरुद्ध की जा रहे भेदभाव का भी मुद्दा उठाया। इस विरोध प्रदर्शन को यूनियन के अध्यक्ष दिलीप कुमार, उपाध्यक्ष कृष्ण रजवार, उपमहासचिव माणिक मुंडा ने संबोधित किया।