​रांची। झारखण्ड के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि झारखण्ड की पहचान साइबर अपराध के लिए नहीं, बल्कि इसकी प्रभावी रोकथाम और समाधान करने वाले राज्य के रूप में होनी चाहिए। वे सोमवार को आर्यभट्ट सभागार, राँची में झारखण्ड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

​समारोह में उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि साइबर अपराध, डिजिटल धोखाधड़ी, एआई के दुरुपयोग और भ्रामक सूचनाओं जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए युवाओं में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का होना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि वह पुलिस, प्रशासन और तकनीकी संस्थानों के साथ मिलकर साइबर अपराध, महिला-बाल सुरक्षा और आधुनिक पुलिसिंग जैसे विषयों पर व्यावहारिक शोध तथा फील्ड ट्रेनिंग को बढ़ावा दे।

​'विकसित भारत@2047' के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए एक सुरक्षित माहौल आवश्यक है, जिसमें प्रशिक्षित युवाओं की अहम भूमिका है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कानून, नागरिक अधिकारों और गोपनीयता का सम्मान करते हुए तकनीक को अपनी शक्ति और विवेक को अपना मार्गदर्शक बनाएँ। दीक्षांत समारोह में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी उपस्थित रहे।