​रांची। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को बुलाए गए राज्यव्यापी बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। बोकारो, पलामू और गुमला समेत विभिन्न जिलों में आंदोलनकारी, किसान और मजदूर अपनी पुरानी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन किया। हालांकि, राजधानी रांची में इस बंद का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा और सुबह से ही जनजीवन सामान्य बना रहा। अल्बर्ट एक्का चौक पर कुछ आंदोलनकारियों ने दुकानें व यातायात बंद कराने का प्रयास जरूर किया, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सतर्कता से स्थिति सामान्य रही।

प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से विस्थापन की बढ़ती समस्याओं, स्थानीय स्तर पर कथित भ्रष्टाचार, और किसानों की उपेक्षा को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। आंदोलनकारी संघ की प्रमुख मांगों में विस्थापितों के लिए उचित मुआवजा, रोजगार, पारदर्शी पुनर्वास नीति और एक सशक्त विस्थापन आयोग का गठन,सभी चिह्नित झारखंड आंदोलनकारियों को समान पेंशन तथा उनके बच्चों को सरकारी नौकरियों में सीधी नियुक्ति का प्रावधान और 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग किसानों को ₹10,000 प्रतिमाह पेंशन और राज्य के किसानों का पूर्ण कर्जमाफ शामिल है।

​मोर्चा के प्रतिनिधियों का कहना है कि इन मूलभूत मांगों को लेकर वे लंबे समय से सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। ठोस और अपेक्षित कार्रवाई न होने के कारण ही उन्हें अंततः इस बंद का रास्ता अपनाना पड़ा।