बोकारो: सेक्टर-12E स्थित क्वार्टर संख्या 1290 के जमींदोज होने की घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। एसडीएम,चास प्रांजल ढांडा की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उपायुक्त अजय नाथ झा ने बीएसएल (बोकारो स्टील प्लांट) प्रबंधन को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बीएसएल प्रबंधन को भवनों के नियमित तकनीकी सर्वे के लिए एसओपी तैयार करने को कहा गया है। जर्जर भवनों को चिह्नित कर उन्हें खाली कराने, मरम्मत करने या ध्वस्त करने की कार्रवाई तय समय में पूरी की जाएगी। असुरक्षित भवनों पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। निवासियों को वैकल्पिक आवास देकर शिफ्ट किया जाएगा; जरूरत पड़ने पर मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी।आवास आवंटन से जुड़ी समस्याओं और आपत्तियों की सुनवाई के लिए एक विशेष समिति गठित होगी।जर्जर भवनों पर ओवरहेड टैंकों के भारी दबाव को हटाने के लिए 10 दिनों के भीतर प्लास्टिक टैंकों से वैकल्पिक जलापूर्ति शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
जलजमाव से निपटने के लिए अगले 15 दिनों में नालियों की प्रभावी सफाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों को कागजी आवंटन के बजाय खुद ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।बाजारों के कॉरिडोर या सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा करने वाले दुकानदारों पर तीन बार चालान के बाद दुकान सील करने और आवंटन रद्द करने की कार्रवाई होगी। हर बाजार में एक नोडल अधिकारी तैनात रहेगा।
उपायुक्त ने आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन को तुरंत सूचना न देने पर भी नाराजगी जताई और कहा कि भविष्य में इस तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए निर्देशों का जमीनी अनुपालन अनिवार्य है।
