बोकारो। मंगलवार को उपायुक्त अजय नाथ झा ने तेनुघाट नदी घाटी परियोजना के अंतर्गत संचालित उच्च विद्यालय के पुनः संचालन एवं उपलब्ध संसाधनों के जनहित में समुचित उपयोग को लेकर संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उपायुक्त ने विद्यालय के बंद होने पर गहरी चिंता एवं क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि नदी घाटी परियोजना के तहत स्थापित विद्यालय का उद्देश्य परियोजना क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना एवं स्थानीय लोगों को लाभान्वित करना था। ऐसे में विद्यालय का बंद होना गंभीर विषय है।

उन्होंने विद्यालय के भवन का जीर्णोद्धार कराकर पीपीपी मोड पर संचालन की संभावनाओं पर विचार करने को कहा। डैम के कार्यपालक अभियंता को डीईओ से समन्वय स्थापित कर विद्यालय की उपयोगिता, आसपास के सरकारी उच्च विद्यालयों की उपलब्धता एवं विद्यार्थियों की संख्या का आकलन कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि यदि विद्यालय का पुनः संचालन व्यावहारिक नहीं पाया जाता है, तो उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कौशल विकास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में करने की संभावना तलाशी जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। साथ ही, परियोजना क्षेत्र में आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेगा।

मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, कार्यपालक अभियंता डैम डिविजन, एपीआरओ अविनाश कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।