बेतला (लातेहार)। पलामू टाइगर रिजर्व के प्रसिद्ध बेतला नेशनल पार्क में मानसून के सन्नाटे का फायदा उठाकर शातिर शिकारियों ने पांच हिरणों को अपना निशाना बनाया। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग की टीम ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

वन विभाग को जंगल में शिकारियों के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना के निर्देश पर रेंजर उमेश कुमार दुबे के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर सर्च अभियान चलाया गया।

वन विभाग की टीम की आहट मिलते ही शिकारी घने जंगलों का सहारा लेकर भाग निकले, लेकिन पार्क में लगे हाई-टेक ट्रैप कैमरों ने उनकी पूरी करतूत कैद कर ली। कैमरों के फुटेज के आधार पर ही आरोपियों की पहचान संभव हो सकी। मौके से वन विभाग ने 14 पारंपरिक फंदे (फाना) भी जब्त किए हैं।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुरेंद्र राम, संतोष सिंह और सीताराम सिंह के रूप में हुई है। ये तीनों लातेहार जिले के बरवाडीह थाना क्षेत्र स्थित मुरू गांव के स्थानीय निवासी हैं। स्थानीय होने के कारण इन्हें जंगल के रास्तों की अच्छी जानकारी थी। विभाग अब इनके आपराधिक इतिहास और स्थानीय संपर्कों की गहन जांच कर रहा है।

जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि शिकारियों ने कुल पांच हिरणों को फंदे में फंसाया था। इनमें से दो हिरणों को वे अपने साथ ले गए और पकाकर खा गए, जबकि तीन हिरणों के अवशेषों को जंगल में ही छोड़ दिया गया था।

वन विभाग अब इस मुख्य बिंदु पर भी तफ्तीश कर रहा है कि क्या यह केवल स्थानीय स्तर पर किया गया शिकार था या इसके पीछे वन्यजीव मांस तस्करी का कोई संगठित रैकेट काम कर रहा है।