हजारीबाग। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हजारीबाग में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि राज्य सरकार पर जनता को गुमराह करने और राज्य के खजाने के बजाय अपनी तिजोरी भरने का गंभीर आरोप लगाया।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि राज्य में खनिज विकास और विनियमन (एमएमडीआर) अधिनियम को लेकर सत्ताधारी झामुमो और कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही हैं। पड़ोसी राज्यों की तुलना में झारखंड में कोयले (₹450/टन) और आयरन ओर (₹600/टन) पर अत्यधिक सेस लगाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह महज ₹22 प्रति टन है। इस वजह से राज्य के व्यापारी बाहर से कोयला खरीदने को मजबूर हैं और राज्य को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार की नीति 'कमाओ, खाओ और दलालों में बांटो' की रही है। उन्होंने कहा कि एमएमडीआर कानून लागू होने से राज्य में जारी अवैध खनन और सेस के नाम पर मची लूट-खसोट पर लगाम लग रही है, जिससे विपक्षी दलों की 'काली कमाई' का धंधा बंद हो रहा है।
श्री साहू ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जनता के बीच जाकर एमएमडीआर अधिनियम के प्रावधानों, उसके लाभ और राज्य सरकार के झूठ के बारे में तथ्यात्मक जानकारी देंगे।
चतरा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़ और दुमका जैसे क्षेत्रों में सीआईएसएफ की तैनाती की मांग की गई है, जिससे अवैध खनन पर रोक लगेगी।
पिछले 6 वर्षों में राज्य की 34 में से मात्र 4 खदानों की नीलामी की गई है, जिससे राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।
राज्य में जमा ₹19,000 करोड़ के जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड का विकास कार्यों में उपयोग करने के बजाय अधिकारी निजी ऐशो-आराम (जिम, स्विमिंग पूल) के लिए बंदरबांट कर रहे हैं।
पत्रकार वार्ता के अंत में आदित्य साहू ने मीडिया से भी अपील की कि वे इस कानून की सच्चाई को राज्य की जनता के सामने लाएं। इस अवसर पर बरही विधायक मनोज यादव, हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, बरकट्ठा विधायक अमित यादव, प्रदेश मंत्री अमरदीप यादव और जिलाध्यक्ष विवेकानंद सिंह सहित कई अन्य नेता मौजूद रहे।
