चाईबासा। कोल्हान विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि सह राज्यपाल-सह-कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने युवाओं को उनकी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों का एहसास कराया। वीर शहीद पोटो हो सभागार में आयोजित इस गरिमामय समारोह में कुल 5,515 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 26 पीजी टॉपर्स को स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) और 39 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि शामिल है।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत का दिन केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि अर्जित शिक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी और जन-उपयोगी कार्यों से जोड़ने का संकल्प लेने का दिन है।

राज्यपाल ने कहा कि एक शिक्षित बेटी पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को नई दिशा देती है। उन्होंने ग्रामीण व जनजातीय क्षेत्रों की बेटियों के लिए सुगम उच्च शिक्षा, सुरक्षित माहौल, छात्रावास, छात्रवृत्ति और कौशल विकास के अवसरों को और मजबूत करने पर जोर दिया।

कोल्हान की समृद्ध भाषा, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता को विश्वविद्यालय की पहचान बताते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ स्थानीय ज्ञान का बेहतर समन्वय विश्वविद्यालय को और अधिक प्रासंगिक बनाएगा।

कुलाधिपति ने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में समय पर कक्षाएं, पारदर्शी परीक्षाएं और समयबद्ध परिणाम उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि विद्यार्थियों का बहुमूल्य समय बर्बाद न हो।

उन्होंने विश्वविद्यालय में ऐसे रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने का आह्वान किया जो समाज की व्यावहारिक समस्याओं का ठोस समाधान पेश कर सकें।