​रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के विरोध में 'वोट बचाओ–देश बचाओ' जन आंदोलन के तहत मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला और उपायुक्त कार्यालय तक प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की और उनका पुतला फूंका।

​कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाकर 'वोट चोरी' की जा रही है, जो जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन और देशद्रोह के समान है। रांची में कांग्रेस भवन से उपायुक्त कार्यालय तक निकले इस मार्च में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, कांके विधायक सुरेश बैठा और रांची महानगर अध्यक्ष कुमार राजा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

​सुबोध कांत सहाय ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को चोट पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश इस समय कठिन चुनौतियों से गुजर रहा है। SIR के माध्यम से वोट की चोरी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी।

​सुरेश बैठा ने चुनावी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की। उन्होंने कहा कि तानाशाह भाजपा सरकार को न तो जनता के अधिकार चुराने देंगे और न ही उनकी आवाज को कुचलने देंगे। लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा।

रांची महानगर अध्यक्ष ​कुमार राजा ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों का सबसे बड़ा अधिकार छीना जा रहा है, जो चुनाव आयोग और सत्ता पक्ष का शर्मनाक कृत्य है। ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना ही होगा।