लातेहार। जिले में एक आदिवासी महिला (पुनिया देवी) के साथ मारपीट, बर्बर प्रताड़ना, जातिसूचक गाली-गलौज और दुर्व्यवहार के गंभीर मामले में जिला पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बारियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और सिपाही मनीष राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
पीड़िता पुनिया देवी के अनुसार 5 अक्टूबर को जब वह बकरी चराने गई थीं, तब पुलिसकर्मियों ने उन्हें पोस्ता (अफीम) की खेती और कारोबार में शामिल होने के संदेह में पकड़ लिया। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन हिरासत में लिया, रास्ते में शारीरिक दुर्व्यवहार किया और थाने ले जाकर प्रताड़ित किया।
पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों को दी गई शिकायत में अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं।महिला के हाथ-पैर बांधकर उन्हें उल्टा लटकाया गया और बेरहमी से पीटा गया।
पुलिसकर्मियों पर जातिसूचक गालियां देने और गुप्तांगों में मिर्च डालने जैसी खौफनाक धमकियां देने का आरोप है।
रिहा करने से पहले महिला पर दबाव बनाकर एक वीडियो रिकॉर्ड कराया गया, जिसमें उनसे जबरन पोस्ता की खेती में संलिप्त होने की बात कहलवाई गई।
पीड़िता के परिजनों से रिहाई के एवज में 80 हजार रुपये वसूलने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।
घटना का संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि पुलिस तंत्र द्वारा इस तरह का अमानवीय आचरण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लातेहार पुलिस ने बालूमाथ के एसडीपीओ और एक महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम गठित की।
एसपीडीओ के नेतृत्व में चल रही जांच के शुरुआती तथ्यों के आधार पर थाना प्रभारी और सिपाही के निलंबन की त्वरित कार्रवाई की गई है। लातेहार पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट में आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
