रांची। राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में इस वर्ष दशहरा का पर्व बेहद भव्य और ऐतिहासिक तरीके से मनाया जाएगा। पंजाबी हिंदू बिरादरी के आयोजन के तहत इस बार मोरहाबादी में 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।

आयोजन समिति के अध्यक्ष कुणाल आजमानी ने जानकारी दी कि इस मुख्य आकर्षण के साथ-साथ 65 फीट ऊंचा कुंभकर्ण और 60 फीट ऊंचा मेघनाथ का पुतला भी तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, रावण वध स्थल पर 30×30 फीट की दो मंजिला 'सोने की लंका' भी बनाई जाएगी, जो इस बार के समारोह का विशेष केंद्र होगी।

इस बार का रावण दहन कई मायनों में खास होगा। कार्यक्रम स्थल पर श्रीराम दरबार, भगवान राम की जीवंत मूर्ति और रावण वध की जीवंत झांकी प्रस्तुत की जाएगी। आसमान में कोलकाता की प्रसिद्ध टीम द्वारा भव्य आकाशीय आतिशबाजी होगी, वहीं जमीन पर रोमांचक आतिशबाजी दिखाने के लिए बिहार के बक्सर से विशेष आतिशबाज पहुंचे हैं। इसके साथ ही, इस बार का विशेष लेजर शो दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेगा।

झारखंड राज्य के गठन के बाद से चली आ रही परंपरा के अनुसार इस बार भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ

और रांची के विधायक सी.पी. सिंह भी उपस्थित रहेंगे।

आयोजन समिति के अनुसार रांची में रावण दहन की इस ऐतिहासिक परंपरा की शुरुआत वर्ष 1948 में हुई थी। उस समय रांची कॉलेज के पास महात्मा गांधी मार्ग स्थित डाकघर के सामने मात्र 12 फीट के रावण का पुतला जलाया जाता था। समय के साथ यह परंपरा जन-सहयोग और लोकप्रियता के कारण लगातार भव्य होती गई और आज यह मोरहाबादी मैदान के विशाल परिसर में रांची का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन बन चुका है, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटते हैं।